Cruel Society पत्थर हुआ समाज: सड़क पर मिला मासूम का भ्रूण, जिसे कुचलती रही बेदर्द दुनिया
ग्लेरिया मार्केट के पास मानवता को शर्मसार करने वाली शर्मनाक वारदात

Cruel Society : गुरुग्राम। कहते हैं कि दुनिया में मां का आंचल सबसे सुरक्षित स्थान होता है, लेकिन जब वही ममता अपना वजूद खो दे और समाज अपनी संवेदनाएं बेच खाए, तो ‘ग्लेरिया मार्केट’ जैसी घटनाएं सामने आती हैं। शहर के सबसे पॉश इलाकों में शुमार इस क्षेत्र में बुधवार की शाम जो कुछ भी हुआ, उसने मानवता के माथे पर कलंक लगा दिया है।
सड़क पर पड़ा रहा ‘अंश’, बेरहमी से गुजरते रहे वाहन
बुधवार शाम करीब 7 बजे, जब शहर अपनी रफ़्तार में भाग रहा था, ग्लेरिया मार्केट के वीटा डेयरी के पास सड़क के किनारे एक मासूम भ्रूण पड़ा हुआ था। विडंबना देखिए कि जिस जीवन को दुनिया देखने का हक भी नहीं मिला, उसे सड़क पर कचरे की तरह फेंक दिया गया। अंधेरे और रफ़्तार के बीच कई अज्ञात वाहन उस मासूम के अंश को कुचलते हुए गुजरते रहे। सड़क पर फैला वह मांस का लोथड़ा चिल्ला-चिल्लाकर समाज की क्रूरता की गवाही दे रहा था।

राहगीर की सूचना पर जागी पुलिस
इस भयावह दृश्य पर जब एक राहगीर की नजर पड़ी, तो उसकी रूह कांप उठी। सूचना मिलते ही सेक्टर-29 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति इतनी वीभत्स थी कि भ्रूण पूरी तरह कुचला जा चुका था। पुलिस ने तुरंत अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
कानूनी कार्रवाई और जांच का दायरा
पुलिस ने चकरपुर निवासी जितेंद्र सिंह की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 94 के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच की आंच अब आसपास के अस्पतालों तक पहुंच गई है:

CCTV फुटेज: पुलिस मार्केट और आसपास के रास्तों के कैमरों को खंगाल रही है ताकि उस वाहन की पहचान हो सके जिससे भ्रूण फेंका गया।
अस्पताल रिकॉर्ड: आसपास के क्लीनिकों और अस्पतालों में हाल ही में हुए गर्भपात (Abortion) का डेटा जुटाया जा रहा है।
संदिग्ध महिलाएं: पुलिस उन महिलाओं की सूची बना रही है जिन्होंने हाल ही में गर्भपात कराया है, ताकि इस कृत्य के पीछे की असल वजह का पता चल सके।
एक अनकहा सवाल
यह घटना सिर्फ एक पुलिस केस नहीं है, बल्कि हमारे आधुनिक समाज की मानसिकता पर एक गहरा घाव है। ऊँची इमारतों और पॉश सोसायटियों के बीच आखिर कितनी असुरक्षा और निर्दयता छिपी है कि एक मासूम को जन्म से पहले ही सड़क पर मरने के लिए छोड़ दिया गया? पुलिस का दावा है कि आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे, लेकिन क्या कुचली हुई मानवता को न्याय मिल पाएगा?











